अयोध्या न्यूज डेस्क: आस्था और आध्यात्म की पावन नगरी अयोध्या में एक बार फिर ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन शुरू हो गया है। राम मंदिर अयोध्या परिसर में ‘श्री राम यंत्र’ की स्थापना के लिए भव्य वैदिक अनुष्ठानों का शुभारंभ हो चुका है। यह आयोजन नौ दिनों तक चलेगा, जिसमें देशभर से संत-महात्मा, वैदिक विद्वान और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।
अनुष्ठान की शुरुआत पवित्र सरयू नदी के जल से की गई। सरयू की सहस्त्रधारा से पूजित जल को विधि-विधान के साथ मंदिर परिसर तक लाया गया। इसके बाद लक्ष्मण किला से एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में संत और श्रद्धालु शामिल हुए। यह यात्रा पूरे भक्ति भाव के साथ राम मंदिर परिसर पहुंची, जहां विधिवत कलश स्थापना की गई।
राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि कलश स्थापना से पहले प्रायश्चित पूजन कराया गया, जिसके साथ ही नौ दिवसीय अनुष्ठान की औपचारिक शुरुआत हुई। आने वाले दिनों में यज्ञशाला में नौ कुंडीय हवन, विशेष पूजन और विभिन्न वैदिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे, जिनमें देश के अलग-अलग हिस्सों से आए वैदिक विद्वान भाग ले रहे हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट के अनुसार वर्ष प्रतिपदा के दिन इस आयोजन का सबसे महत्वपूर्ण क्षण होगा, जब राष्ट्रपति की उपस्थिति में मंदिर के तीसरे तल के गर्भगृह में ‘श्री राम यंत्र’ की स्थापना की जाएगी। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में देशभर से संत-महात्मा शामिल होंगे और इसका सीधा प्रसारण दूरदर्शन के माध्यम से किया जाएगा, ताकि देश-विदेश में रहने वाले करोड़ों श्रद्धालु इस दिव्य क्षण के साक्षी बन सकें।