अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या में अवैध संबंध के शक से जुड़े बहुचर्चित हत्या मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी गौरव सिंह को दोषी करार दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम सुरेंद्र मोहन सहाय की अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई, साथ ही 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने निर्देश दिया कि जुर्माने की आधी राशि मृतक के माता-पिता को दी जाए।
यह मामला 11 सितंबर 2022 का है, जब अमित सिंह लखनऊ से गोरखपुर के लिए निकले थे, लेकिन अगले दिन उनका शव पूरा कलंदर क्षेत्र में शारदा नहर गेट के पास संदिग्ध हालत में मिला। घटना के बाद मृतक के छोटे भाई रोहित सिंह ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले। एक प्रत्यक्षदर्शी ने आरोपी को घटनास्थल पर संदिग्ध हालत में देखा था। वहीं, सीसीटीवी फुटेज के जरिए एक कार की पहचान हुई, जिसके आधार पर 14 सितंबर 2022 को गौरव सिंह को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल चाकू समेत 26 सामान बरामद किए गए, जो उसने ऑनलाइन खरीदे थे।
अदालत में सुनवाई के दौरान सामने आया कि आरोपी की नजर मृतक की पत्नी पर थी और इसी वजह से उसने इस वारदात को अंजाम दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर 14 गंभीर चोटों की पुष्टि हुई, जिससे हत्या की निर्ममता उजागर हुई। सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को उम्रकैद के साथ-साथ सबूत छिपाने के मामले में 3 साल की अतिरिक्त सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना भी सुनाया।