अयोध्या न्यूज डेस्क: अहमदाबाद की साइबर क्राइम ब्रांच ने भारत, चीन, पाकिस्तान और हांगकांग में फैले एक बहुराष्ट्रीय 'बॉस स्कैम' (Boss Scam) नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस मामले की जांच तब शुरू हुई जब अहमदाबाद स्थित एक कंपनी के कर्मचारी से वरिष्ठ अधिकारियों के नाम पर 1.5 करोड़ रुपये की ठगी की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगे गए 1.3 करोड़ रुपये बरामद कर लिए और पश्चिम बंगाल से इस गिरोह के दो मुख्य संचालकों, इमरान अली पियादा और इंजाममुल मुजीबार मुल्ला, को गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए दोनों आरोपी विदेशी हैकर्स को आवश्यक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करने के लिए 'साइबर अपराध सेवा' (Cybercrime-as-a-Service) मॉडल चला रहे थे। उन्होंने टेलीकॉम ग्राहकों के बायोमेट्रिक विवरणों का अवैध रूप से दुरुपयोग करके 4,500 से अधिक डमी सिम कार्ड सक्रिय किए और फर्जी वॉट्सऐप अकाउंट बनाने के लिए हजारों वन-टाइम पासवर्ड (OTP) बेचे। इन डमी क्रेडेंशियल्स की मदद से विदेशी साइबर अपराधी अपनी वास्तविक पहचान और लोकेशन छिपाकर बेखौफ होकर धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे।
भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के साथ की गई तकनीकी जांच से खुलासा हुआ कि इस नेटवर्क में चीन में विकसित किए गए मैलवेयर का इस्तेमाल किया जाता था, जिसे वीपीएन के जरिए रूट करके इस्लामाबाद स्थित कॉल सेंटरों से संचालित किया जा रहा था। जालसाज वॉट्सऐप या ईमेल पर जिप फाइलों के अंदर छिपी हानिकारक '.exe' फाइलें भेजते थे। जैसे ही कोई कर्मचारी वॉट्सऐप वेब पर इसे खोलता, सॉफ्टवेयर उसके सेशन को हैक कर लेता और वास्तविक अधिकारियों के नंबर बदलकर स्कैमर्स के नंबर सेव कर भारी रकम ट्रांसफर करवा लेता था।
पुलिस प्रशासन की इस सक्रिय कार्रवाई से देश के 26 राज्यों में 10,000 से अधिक संक्रमित डिवाइसों को सुरक्षित किया गया, जिससे नागरिकों को करोड़ों रुपये के संभावित वित्तीय नुकसान से बचाया जा सका। पुलिस अधिकारियों ने सभी कंपनियों और आम नागरिकों को सलाह दी है कि वे किसी भी अज्ञात या संदिग्ध एक्जीक्यूटेबल फाइल को खोलने से बचें और वित्तीय लेनदेन से जुड़े किसी भी निर्देश की सीधे फोन कॉल करके पुष्टि अवश्य करें।