अयोध्या न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अयोध्या के दीपोत्सव को आस्था के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने वाला उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव में जलने वाला हर दीया कुम्हारों की मेहनत, किसानों की उपज और स्थानीय परिवारों की रोजी-रोटी को नई रोशनी दे रहा है। अयोध्या पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर कहा कि श्री अयोध्या धाम का भव्य दीपोत्सव आस्था को मजबूत करने के साथ अर्थव्यवस्था को भी नई गति दे रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले अयोध्या की सांस्कृतिक ताकत को स्थानीय कारीगरों, किसानों और छोटे कारोबारियों की तरक्की से जोड़ने की कोई ठोस पहल नहीं हुई थी। उनके मुताबिक, आस्था को रोजगार और कमाई के नए अवसरों में बदलने की सोच की कमी थी, लेकिन डबल इंजन सरकार ने इस स्थिति को बदला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में लाखों दीयों से जगमग होने वाला यह उत्सव कुम्हारों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों के लिए रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा कर रहा है। मुख्यमंत्री ने लिखा कि रामनगरी को रोशन करने वाला दीया मेहनतकश परिवारों के घर में खुशहाली की उम्मीद भी जगाता है।
इस बीच, गोंडा जिले में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वह 7 नवंबर को अयोध्या जाएंगे। इस साल अयोध्या धाम में दीपोत्सव का दसवां आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव भले ही अयोध्या में होगा, लेकिन इसकी रोशनी विकास के रूप में गोंडा तक पहुंचेगी। योगी ने दावा किया कि आज गोंडा में विकास के बदलाव को देखा जा सकता है।
करीब दस साल पहले के हालात याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गोंडा रेलवे स्टेशन से मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ, देवीपाटन तक पहुंचने में ढाई से तीन घंटे लगते थे। उस समय सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे थे, असुरक्षा का माहौल था, विकास के काम रुके हुए थे, युवा बेरोजगार थे और किसान परेशान थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिलाओं और कारोबारियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती थी। योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि पहले गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती को देश के सबसे पिछड़े और गंदे जिलों में गिना जाता था। उन्होंने क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए इसे राज्य सरकार की व्यापक विकास योजनाओं से जोड़ा।