अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या में तेज बारिश के दौरान वीबी-जी रामजी योजना में मजदूरों की हाजिरी दर्ज होने का मामला सामने आया है। 25 से 27 सितंबर के बीच जिले के 11 ब्लॉकों में कुल 1,124 मजदूरों को पोर्टल पर काम करते हुए दिखाया गया। इनके नाम पर करीब 3.37 लाख रुपये की मजदूरी बन रही थी। हैरानी की बात यह है कि इसी दौरान लगातार मूसलाधार बारिश हो रही थी और स्कूल-कॉलेज तक बंद थे।
25 सितंबर को आठ ब्लॉकों में 297 मजदूरों की हाजिरी दर्ज की गई। इनमें बीकापुर के 8, हरिंग्टनगंज के 27, मसौधा के 2, मवई के 134, मिल्कीपुर के 13, रुदौली के 101, सोहावल के 4 और तारुन के 8 मजदूर शामिल थे। अगले दिन 26 सितंबर को बीकापुर में 3, मवई में 21 और मिल्कीपुर में 4 यानी कुल 28 मजदूरों को काम पर दिखाया गया।
27 सितंबर को पोर्टल पर 10 ब्लॉकों के 799 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज हुई। इनमें अमानीगंज के 175, बीकापुर का 1, हरिंग्टनगंज के 62, मसौधा के 8, मवई के 174, मिल्कीपुर के 42, पूराबाजार के 65, रुदौली के 254, सोहावल के 11 और तारुन के 7 मजदूर शामिल हैं। बताया गया कि ज्यादातर काम मिट्टी की पटाई और पौधारोपण से जुड़े थे। ऐसे में लगातार बारिश के बीच इन कामों और मजदूरों की मौजूदगी पर सवाल उठ रहे हैं। 29 सितंबर को शाम चार बजे तक भी पोर्टल पर बारिश के दौरान काम करने वाले मजदूरों की हाजिरी दर्ज दिख रही थी।
मामला सामने आने के बाद मस्टर रोल को शून्य करने की तैयारी शुरू की गई और बाद में इसे शून्य किए जाने की बात भी अधिकारियों ने कही। उपायुक्त उपेंद्र पाठक ने पहले बताया कि पौधारोपण के लिए मजदूर लगाए गए थे और बारिश में पौधों को नुकसान से बचाने के लिए उन्हें काम पर रखा गया था। हालांकि, एनएमएमएस पोर्टल पर दर्ज हाजिरी को लेकर उन्होंने मस्टर रोल की जांच कराने की बात कही। ऐसे में बारिश के दौरान इतनी बड़ी संख्या में मजदूरों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज होने से योजना की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।