अयोध्या न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि अयोध्या और काशी की तर्ज पर मथुरा-वृंदावन में भी भव्य मंदिर परिसर विकसित किए जाएंगे। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने कहा कि इससे ब्रज की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूती मिलेगी।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्री अयोध्या धाम में दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर बनाया गया है और इसी तरह मथुरा-वृंदावन में भी भव्य धार्मिक परिसर तैयार करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण की करीब 5 हजार साल पुरानी शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं। उन्होंने अधर्म और समाज में अशांति फैलाने वाली ताकतों के खिलाफ भगवान कृष्ण के संदेश का भी जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत पर कई बार हमले हुए और अलग-अलग धर्मों को थोपने की कोशिश की गई, लेकिन सनातन धर्म को मिटाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण और राधा रानी की विरासत आज भी सिर्फ ब्रज ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लोगों को प्रेरणा देती है।
मथुरा-वृंदावन के बीच बनेगी सड़क
मथुरा और वृंदावन के बीच 12 किलोमीटर लंबे रेल ट्रैक पर रेलबस सेवा बंद होने के बाद अब सड़क बनाने की योजना है। इसके अलावा ब्रज क्षेत्र की करीब 200 पुरानी और ऐतिहासिक इमारतों को 'तीर्थ मित्र' योजना के तहत संरक्षित किया जाएगा। ब्रज तीर्थ विकास परिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री ने ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के विकास का काम तीन साल में पूरा करने और पुराने ग्रंथों, पांडुलिपियों और क्षेत्र से जुड़े साहित्य को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए होल्डिंग एरिया और मल्टीलेवल पार्किंग बनाने की भी योजना है। इन पार्किंग में डॉरमेट्री, कैफे और फूड कोर्ट जैसी सुविधाएं होंगी। गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए 10 गोल्फ कार्ट देने का प्रस्ताव भी रखा गया है। मुख्यमंत्री ने वृंदावन में नई सिटी बस सेवाओं पर सड़क की चौड़ाई और ट्रैफिक के हिसाब से ही वाहन चलाने के निर्देश दिए।
योगी आदित्यनाथ ने परिक्रमा मार्गों को बेहतर बनाने और ऐसी सामग्री इस्तेमाल करने को कहा, जो बारिश में फिसले नहीं और श्रद्धालुओं के पैरों को नुकसान न पहुंचाए। मथुरा में खारे पानी की समस्या को देखते हुए तालाबों की संख्या बढ़ाने और बारिश के पानी को बचाने पर भी जोर दिया गया। जन्माष्टमी को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ाने, कंट्रोल सेंटर पर लगातार कर्मचारियों की मौजूदगी और ब्रज में सफाई व्यवस्था मजबूत करने के भी निर्देश दिए गए।