अयोध्या न्यूज डेस्क: नेपाल में हाल ही में आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिला प्रशासन ने एहतियातन अयोध्या हिल्स में पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। यह इलाका बारिश और झरनों की खूबसूरती के लिए काफी लोकप्रिय है और मानसून के दौरान यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। प्रशासन ने शुक्रवार को यह फैसला भारी बारिश के दौरान किसी अनहोनी को रोकने के लिए लिया।
प्रशासन ने दाउरी कैनाल (दाहरी खाल झरना), बामनी, तुरगा और मशकेंदा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी लोगों की आवाजाही रोक दी है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें प्रतिबंध लागू कराने के लिए मौके पर तैनात हैं। वन विभाग के माथा रेंज और कुडना बीट के कर्मचारी जॉइंट फॉरेस्ट मैनेजमेंट कमेटी के साथ मिलकर झरनों और प्रवेश मार्गों की निगरानी कर रहे हैं। सार्वजनिक उद्घोषणा के जरिए भी पर्यटकों को खतरे वाले इलाकों में नहीं जाने की चेतावनी दी जा रही है।
पुरुलिया के जिलाधिकारी सुधीर कोंथम ने बताया कि वन विभाग के कर्मचारियों ने जॉइंट फॉरेस्ट मैनेजमेंट कमेटी के साथ बातचीत के बाद जरूरी कदम उठाए हैं और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए लोगों को सतर्क किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि तेज बारिश के दौरान झरनों और पहाड़ी जलधाराओं के पास अचानक पानी बढ़ने का खतरा रहता है, इसलिए पर्यटकों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
पुरुलिया के अयोध्या, जॉयचंडी, पंचेत, पाखी पहाड़, माथाबुरु, मयूर हिल्स, चांदनी हिल्स, मुर्राबुरु और गोरगाबुरु जैसे इलाके पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। हालांकि, मानसून में यहां के झरने खतरनाक हो सकते हैं। यह प्रतिबंध ऐसे समय लगाया गया है जब नेपाल में फ्लैश फ्लड से मरने वालों की संख्या 550 से ज्यादा हो गई है और भारत ने पड़ोसी देश के लिए राहत सहायता भी बढ़ाई है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में 320 भारतीय नागरिकों से अब तक संपर्क नहीं हो पाया है, जबकि चीन की ओर मौजूद 400 भारतीय सुरक्षित हैं।