अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या में चढ़ावे के कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका (पीआईएल) पर गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में सुनवाई हो सकती है। मामले को न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया और न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया है। यह सुनवाई कोर्ट नंबर-2 में होने की संभावना है।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता मोहित अशोक शर्मा ने बताया कि 18 जून 2026 की वाद सूची में यह मामला कोर्ट नंबर-2 में आइटम नंबर 466 के रूप में दर्ज है। उन्होंने कहा कि सुबह अदालत के समक्ष विशेष उल्लेख (स्पेशल मेंशन) कर मामले की जल्द सुनवाई का अनुरोध किया जाएगा। हालांकि, मामले की सुनवाई कब होगी, इसका अंतिम निर्णय अदालत ही करेगी।
याचिका में अयोध्या से जुड़े चढ़ावे और वित्तीय लेनदेन में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) से पूरे मामले का विशेष ऑडिट कराने की भी अपील की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच जनहित में आवश्यक है।
मामले को लेकर धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। याचिकाकर्ता पक्ष का कहना है कि यदि अदालत इस मुद्दे को व्यापक जनहित और राष्ट्रीय महत्व का विषय मानती है, तो इस पर तत्काल सुनवाई हो सकती है। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि हाईकोर्ट इस याचिका पर क्या रुख अपनाता है।