अयोध्या न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि अयोध्या में होने वाला 10वां दीपोत्सव शहर की सांस्कृतिक विरासत और 2017 में बीजेपी सरकार बनने के बाद हुए विकास कार्यों को दिखाएगा। उन्होंने कहा कि इस बार सरयू नदी के घाट लाखों दीयों से जगमगाएंगे। रामायण के प्रसंगों पर आधारित झांकियां, भव्य शोभायात्राएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी लोगों के आकर्षण का केंद्र होंगे।
योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि दीपोत्सव 5 से 7 नवंबर तक आयोजित होगा, जबकि इससे जुड़े कार्यक्रम 8 नवंबर तक चलेंगे। उन्होंने कहा कि रामायण की घटनाओं को दर्शाती झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां लोगों को त्रेतायुग की याद दिलाएंगी। उनके मुताबिक, हर दीपक भगवान श्रीराम के प्रति भक्ति और हर लौ सनातन संस्कृति की महिमा का प्रतीक होगी।
2017 से पहले अयोध्या की अनदेखी का लगाया आरोप
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि 2017 से पहले अयोध्या की अनदेखी हुई और वहां अव्यवस्था व खराब हालात थे। उन्होंने रामभक्तों पर गोली चलाने का आदेश देने और पवित्र हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज की अनुमति देने को लेकर भी पिछली सरकारों पर सवाल उठाए। योगी ने पूछा कि ऐसी सरकारों का ‘राम की अयोध्या’ के विकास से क्या लेना-देना था?
उन्होंने कहा कि 2017 में उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के बाद अयोध्या में विकास और सांस्कृतिक विरासत को फिर से पहचान दिलाने का नया दौर शुरू हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में चल रही ‘डबल इंजन सरकार’ के प्रयासों से अयोध्या को उसका पुराना गौरव लौटाने का काम किया जा रहा है।
राम मंदिर से लेकर एयरपोर्ट तक का किया जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में हुए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए राम मंदिर, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, नए सिरे से विकसित राम पथ, घाटों के कायाकल्प और आधुनिक सुविधाओं को गिनाया। उन्होंने अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की पहल का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, दीपोत्सव अयोध्या के बदलते स्वरूप और उसकी सांस्कृतिक पहचान का सबसे बड़ा प्रतीक बन गया है। साल 2017 में इस आयोजन की शुरुआत 1.71 लाख दीये जलाने के साथ हुई थी। तब से यह कार्यक्रम भारत और विदेशों में रहने वाले करोड़ों रामभक्तों की आस्था और उत्साह का प्रतीक बन गया है। उन्होंने कहा कि इस साल भी रामभक्त दीये जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में हैं।
योगी ने दीपोत्सव को कई पीढ़ियों से अयोध्या के पुराने गौरव को दोबारा देखने की इच्छा पूरी होने का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि हर दीया आस्था की जीत, सांस्कृतिक स्वाभिमान और विकसित भारत बनाने के संकल्प को दर्शाता है।
दीपोत्सव की तैयारियां तेज
अयोध्या में दीपोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। जिला प्रशासन आयोजन को सुचारु और गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न कराने में जुटा है। हाल ही में अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने तुलसीदास उद्यान भवन में धर्मगुरुओं और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इसमें आयोजन की तैयारियों पर चर्चा की गई और उनके सुझावों को व्यवस्था में शामिल किया जा रहा है।