अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन के लिए उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए, यातायात पुलिस अब सुरक्षा और व्यवस्था को डिजिटल बनाने की तैयारी में है। रामनगरी में ई-रिक्शा संचालन को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रदेश में पहली बार क्यूआर (QR) कोड आधारित व्यवस्था लागू की जा रही है।
योजना की मुख्य बातें:
डिजिटल पहचान: अयोध्या धाम और अयोध्या कैंट जोन में चलने वाले सभी ई-रिक्शों पर विशिष्ट क्यूआर कोड चस्पा किए जाएंगे।
डाटा एक्सेस: मोबाइल से कोड स्कैन करते ही ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन नंबर, चालक/मालिक का नाम, पता और संबंधित जोन की जानकारी तुरंत मिल जाएगी।
सुरक्षा का भरोसा: किसी भी आपात स्थिति या शिकायत के मामले में यात्री तत्काल चालक की पहचान कर सकेंगे। इससे अनधिकृत (Unauthorised) ई-रिक्शों के संचालन पर भी लगाम लगेगी।
प्रदेश में पहला प्रयोग: यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो ई-रिक्शों के लिए क्यूआर कोड सिस्टम अपनाने वाला अयोध्या उत्तर प्रदेश का पहला शहर बन जाएगा।
महत्व और प्रभाव:
वर्तमान में नगर निगम क्षेत्र में लगभग 4,000 से अधिक ई-रिक्शे अलग-अलग जोन में संचालित हो रहे हैं। श्रद्धालु मुख्य रूप से राम मंदिर, हनुमानगढ़ी और सरयू घाट जैसे स्थलों तक जाने के लिए इन्हीं पर निर्भर हैं। इस हाईटेक कदम से न केवल यातायात पुलिस को निगरानी में आसानी होगी, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों का सुरक्षा के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा।
पुलिस के उच्चाधिकारियों के अनुसार, इस योजना पर शीर्ष स्तर पर विमर्श जारी है और जल्द ही इसे धरातल पर उतारा जाएगा। साथ ही, ई-रिक्शा चालकों को इस तकनीक के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।