अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान राशि में कथित गड़बड़ी के विवाद के बीच पूर्व महासचिव चंपत राय को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, चंपत राय ने अपने करीबी सहयोगियों से कहा है कि जिन लोगों पर उन्होंने भरोसा किया, उन्हीं लोगों ने उन्हें धोखा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या में उनकी सेवा पूरी हो चुकी है और वह इस "दाग" के साथ आगे काम नहीं करना चाहते।
हाल ही में ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा देने वाले चंपत राय फिलहाल एकांतवास में बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा के साथ उनके भविष्य पर 6 जुलाई को होने वाली श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में दो-तिहाई बहुमत से फैसला लिया जा सकता है।
बैठक में ट्रस्ट के प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। खासतौर पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की सिफारिशों पर विचार किया जाएगा। एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके बाद मामले में जांच आगे बढ़ी।
दान राशि में कथित गड़बड़ी का विवाद 7 जून को तब शुरू हुआ था, जब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने राम मंदिर में चढ़ावे की राशि के गबन का आरोप लगाया था। इसके बाद 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई और दान की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसियों ने इस मामले में चंपत राय का भी बयान दर्ज किया है। उन्होंने इससे पहले नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी।