अयोध्या न्यूज डेस्क: राम मंदिर में दान चोरी की घटना के बाद महासचिव पद से इस्तीफा देने वाले चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अयोध्या स्थित राम मंदिर का दौरा किया। दान चोरी की घटना के बाद पहली बार चंपत राय तीर्थयात्री सेवा केंद्र पहुंचे। उन्होंने वहां काम करने वाले कर्मचारियों से बातचीत की और कहा कि किसी तरह की परेशानी हो तो उन्हें इसकी जानकारी दी जाए। करीब एक घंटे की इस मुलाकात के दौरान उन्होंने कर्मचारियों की तबीयत के बारे में भी पूछा।
चंपत राय के दोबारा सक्रिय होने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। दरअसल, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट को नया पूर्णकालिक महासचिव स्वामी गोविंद देवगिरी महाराज और पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जितेंद्र मिश्रा मिल चुका है। ऐसे में इस्तीफा देने के बाद चंपत राय का सेवा केंद्र पहुंचना काफी अहम माना जा रहा है।
इसी बीच राम मंदिर के कामकाज से जुड़े तीन कर्मचारियों को भी दोबारा उनकी जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। स्वामी गोविंद देवगिरी महाराज ने शहीद कारसेवक वासुदेव गुप्ता के बेटे संदीप गुप्ता, के. डी. तिवारी और बजरंग पाठक को उनकी पुरानी जिम्मेदारियों पर वापस नियुक्त किया है। इससे पहले एक विदेशी महिला की शिकायत के बाद तीर्थयात्री सेवा केंद्र की लॉकर व्यवस्था में काम करने वाले संदीप गुप्ता को व्यवस्था से हटा दिया गया था। इन कर्मचारियों को लेकर पहले कई शिकायतें और आरोप भी सामने आए थे।
वहीं, राम मंदिर ट्रस्ट के CEO बनाए गए जितेंद्र मिश्रा भी अयोध्या पहुंच गए हैं। उन्होंने ट्रस्ट के नए महासचिव स्वामी गोविंद देवगिरी महाराज से मुलाकात की। उन्हें राम मंदिर के रोजमर्रा के कामकाज, प्रशासनिक व्यवस्था और मंदिर से जुड़ी अलग-अलग जिम्मेदारियों की जानकारी दी जा रही है। नए महासचिव और CEO के आने के साथ ही राम मंदिर ट्रस्ट के कामकाज में जिम्मेदारियों के बंटवारे और व्यवस्थाओं में बदलाव का नया दौर शुरू होने की चर्चा है।