अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के स्वागत कार्यक्रम के दौरान आयोजित कथित मछली भोज को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। रविवार को राय ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर और हनुमानगढ़ी में दर्शन किए और हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद तरुण में उनके स्वागत के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जहां मछली बनाए जाने का वीडियो सामने आने के बाद कुछ स्थानीय संतों और धार्मिक लोगों ने सावन के महीने में ऐसे आयोजन पर आपत्ति जताई।
यह कार्यक्रम कांग्रेस नेता राम निहाल निषाद ने पार्टी में शामिल होने के बाद आयोजित किया था। कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी राजपाल गौतम, राष्ट्रीय प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह और पूर्वांचल प्रभारी अभिषेक दत्त भी शामिल हुए। बड़ी संख्या में लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। भारी बारिश के बीच कार्यक्रम स्थल पर मछली तैयार करने और लोगों के उसे लेने का वीडियो सामने आया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया।
विवाद पर राम निहाल निषाद ने सफाई देते हुए कहा कि संविधान हर व्यक्ति को अपनी पसंद का भोजन करने का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि निषाद समाज में मछली पकड़ना और खाना पारंपरिक रूप से जुड़ा हुआ है। उनका कहना है कि किसी व्यक्ति के भोजन को सावन, भादो या किसी अन्य महीने के आधार पर सवालों के घेरे में नहीं लाया जाना चाहिए। इस बयान के बाद अयोध्या में धार्मिक भावनाओं, व्यक्तिगत पसंद और सामुदायिक परंपराओं को लेकर बहस तेज हो गई है।
वहीं, मंदिरों में दर्शन के बाद अजय राय ने बीजेपी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने देश में अत्याचार और अन्याय बढ़ने का आरोप लगाया। राय ने राम दरबार में चढ़ाए गए चढ़ावे को लेकर भी बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि उन्होंने हनुमान जी से ऐसे लोगों को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की है। उन्होंने मामले में कार्रवाई कर दोषियों को जेल भेजने की मांग की। इस बीच मछली भोज का विवाद उनके अयोध्या दौरे का एक नया राजनीतिक मुद्दा बन गया है।