अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या में कांग्रेस समर्थित निषाद समुदाय के एक कार्यक्रम में मछली की दावत को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। अयोध्या धाम से करीब 50 किलोमीटर दूर कुमारगंज में रविवार को हुए इस कार्यक्रम के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें कथित तौर पर मछली बनाते हुए दिखाया गया। कार्यक्रम सावन के महीने में हुआ, जिसके बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने और दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि नदी किनारे रहने वाले निषाद समुदाय के लिए मछली पारंपरिक भोजन और आजीविका का हिस्सा है, इसे बेवजह राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने अयोध्या में हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन करने के बाद मछली की दावत में हिस्सा लिया। रायबरेली में योगी ने कहा कि मंदिर में राम-राम जपने और बजरंग बली के सामने सिर झुकाने के बाद ऐसा व्यवहार शर्मनाक है। वहीं अजय राय ने मछली खाने से साफ इनकार किया और कहा कि वह हनुमानगढ़ी और राम मंदिर में पूजा करने के बाद निषाद समुदाय के कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्होंने बीजेपी से मछली खाने का सबूत दिखाने की चुनौती भी दी।
मामले पर यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि अयोध्या भगवान राम की पवित्र नगरी है और सावन में वहां इस तरह की दावत कांग्रेस की संस्कृति को दिखाती है। यूपी के मत्स्य मंत्री और निषाद पार्टी प्रमुख संजय निषाद ने कहा कि निषाद समुदाय की अपनी संस्कृति है और वह मछली खाता है। उन्होंने कांग्रेस पर निषाद समुदाय के अधिकार छीनने का आरोप भी लगाया। बीजेपी के सहयोगी और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि एक तरफ कांग्रेस भगवान राम की भक्त होने की बात करती है और हनुमान चालीसा पढ़ती है, वहीं दूसरी तरफ सावन में मछली खाने को लेकर विवाद खड़ा हुआ है।
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने भी बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा कि उनकी या अजय राय की मछली खाते हुए एक तस्वीर दिखाई जाए। उन्होंने नदी किनारे रहने वाले समुदायों की खान-पान की परंपरा का हवाला दिया और कहा कि उनके पारंपरिक भोजन पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। गौतम ने मीडिया के सामने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की सावन में दावत की एक तस्वीर दिखाने का दावा भी किया और बीजेपी से जवाब मांगा। वहीं कार्यक्रम के आयोजक राम निहाल निषाद ने कहा कि 11 अगस्त को यूपी सरकार के मंत्री संजय निषाद ने मछली को शाकाहारी बताते हुए कहा था कि बिना लहसुन-प्याज के बनाई गई मछली को शाकाहारी माना जा सकता है।