अयोध्या न्यूज डेस्क: नवाबगंज के तटीय इलाकों में एक बार फिर बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। पहली बाढ़ का पानी अभी पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ था कि नेपाल के बैराजों से पानी छोड़े जाने और लगातार बारिश के कारण सरयू नदी फिर उफान पर आने लगी। नदी का पानी बढ़ने से तुलसीपुर मांझा, दत्तनगर, साखीपुर, व्योंदा मांझा, गोकुला, मांझा राठ, जैतपुर मांझा और दुल्लापुर समेत कई गांव प्रभावित हुए हैं।
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, अयोध्या में सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 23 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। नदी के बढ़ते पानी ने तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों को डर है कि अगर जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो बाढ़ का पानी उनके घरों में भी घुस सकता है।
तुलसीपुर मांझा में जगह-जगह पानी भरने से लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। ग्रामीण तिलकराम ने अपने घर तक पहुंचने के लिए लकड़ी का छोटा पुल बना लिया है, जिसके जरिए लोग पानी पार कर रहे हैं। दूसरी ओर मांझा राठ में धान और गन्ने की फसलें पानी में डूब गई हैं। चारे की फसल बर्बाद होने से पशुपालकों की परेशानी भी बढ़ गई है। गोकुला में भी किसानों के खेतों में पानी भरने से धान की फसल को नुकसान हुआ है।
दत्तनगर के बाड़ी मांझा में पानी बढ़ने के बाद ग्रामीण सुरक्षित जगहों की ओर जाने लगे हैं। साखीपुर के मुख्य रास्ते पर पानी भर गया है, जबकि दुल्लापुर में भी जलभराव के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बिगड़ते हालात के बावजूद प्रशासन की तरफ से अभी तक पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। लोगों ने प्रशासन से प्रभावित इलाकों में राहत-बचाव टीम, आवागमन और पशुओं के चारे की व्यवस्था जल्द कराने की मांग की है।