अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या अब केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि अपनी भव्यता और सांस्कृतिक वैभव के लिए भी वैश्विक पहचान बना रही है। राम मंदिर निर्माण के बाद रामनगरी में एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। हाल ही में यहां प्रभु श्रीराम की सोने और हीरे से जड़ी भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया, जिसने श्रद्धालुओं के आकर्षण को और बढ़ा दिया है।
इस अलौकिक प्रतिमा का अनावरण श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने किया। करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह स्वर्णिम कृति अयोध्या के यात्री सुविधा केंद्र में स्थापित की गई है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु आसानी से इसके दर्शन कर सकें।
अनावरण के बाद से ही यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। भक्तों का कहना है कि इस रत्नजड़ित प्रतिमा के दर्शन से उन्हें गहरी आध्यात्मिक शांति मिलती है और प्रभु श्रीराम के दिव्य वैभव का सजीव अनुभव होता है। रामलला के दर्शन के साथ यह प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष आकर्षण बन गई है।
इस प्रतिमा को बेंगलुरु के प्रसिद्ध कलाकारों ने तंजौर शैली में तैयार किया है, जो अपनी बारीक कलाकारी और शुद्ध स्वर्ण के प्रयोग के लिए जानी जाती है। शुद्ध सोने, हीरों और बहुमूल्य रत्नों से सजी यह कृति डाक के माध्यम से अयोध्या लाई गई। राम मंदिर के बाद यह स्वर्णिम प्रतिमा अयोध्या की वैश्विक पहचान को और मजबूत करने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रही है।