अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की कथित हेराफेरी के मामले को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने उत्तर प्रदेश सरकार और मंदिर ट्रस्ट पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने लखनऊ में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए इसे "आस्था के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात" बताया।
केजरीवाल ने दावा किया कि मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी और दर्ज एफआईआर के जरिए केवल निचले स्तर के कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि असली जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि कैशियर और सुरक्षाकर्मियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है, जबकि पूरे मामले की जिम्मेदारी तय कर शीर्ष स्तर तक कार्रवाई होनी चाहिए। पार्टी ने मंदिर प्रबंधन में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजरीवाल ने वर्ष 2021 में सिंधी समाज द्वारा मंदिर को दान किए गए 200 किलोग्राम चांदी का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि श्रद्धालुओं ने बिना किसी रसीद के पूर्ण विश्वास के साथ दान दिया था, लेकिन अब ऐसे दान की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि विवाद सामने आने के बाद मंदिर में प्रतिदिन मिलने वाले दान में भी भारी गिरावट आई है। साथ ही उन्होंने 2021 के कथित भूमि सौदे का भी उल्लेख करते हुए वित्तीय अनियमितताओं के आरोप दोहराए।
AAP सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के अयोध्या रवाना होने के बाद ही प्रशासन ने एफआईआर दर्ज की। उन्होंने इसे श्रद्धालुओं के दबाव और विपक्ष की आवाज का असर बताया। वहीं, केजरीवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की कि वे आरोपों का सामना कर रहे अधिकारियों का बचाव न करें और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करें। पार्टी ने यह भी मांग की कि मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन में राजनेताओं और नौकरशाहों की जगह संत-महात्माओं को जिम्मेदारी दी जाए।