अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शुक्रवार के प्रस्तावित दौरे से पहले एक नया विवाद चर्चा में आ गया है। जानकारी के मुताबिक, रामलला दर्शन-पूजन के दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय इस बार मुख्यमंत्री की अगवानी करते नजर नहीं आएंगे। जिला प्रशासन की ओर से जारी प्रोटोकॉल निर्देशों में उनसे किसी अन्य व्यक्ति को अपना प्रतिनिधि नामित करने और इसकी सूचना प्रशासन को देने का अनुरोध किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचकर रायगंज स्थित दिगम्बर जैन मंदिर में आयोजित पंचकल्याणक महोत्सव में शामिल होंगे। इस दौरान वे भगवान आदिनाथ मंदिर के मुख्य द्वार और भगवान भरत के 100 पुत्रों के मंदिर का लोकार्पण भी करेंगे। कार्यक्रम के बाद उनके रामलला के दर्शन-पूजन का भी कार्यक्रम प्रस्तावित है। जैन समाज के पदाधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री इस दौरान गणनी ज्ञानमती माता जी का आशीर्वाद भी लेंगे।
राम मंदिर की दान पेटिकाओं से कथित चोरी और चढ़ावे से जुड़े विवादों के बीच चंपत राय को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से दूर रखने की चर्चा तेज हो गई है। अब तक राम मंदिर आने वाले अधिकांश वीआईपी और विशिष्ट अतिथियों की अगवानी चंपत राय ही करते रहे हैं, लेकिन इस बार प्रशासन की ओर से प्रतिनिधि नामित करने के निर्देश ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि प्रशासन और ट्रस्ट की तरफ से इस फैसले के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। कार्यक्रम से एक दिन पहले एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी और सीओ आशुतोष तिवारी ने पुलिस बल के साथ कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री के दौरे और राम मंदिर कार्यक्रम के दौरान चंपत राय की अनुपस्थिति को लेकर अब राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।