अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या के सदर तहसील क्षेत्र के अब्बूसराय में भूमाफियाओं ने फर्जी आपत्ति पत्र दाखिल कर भू स्वामी को परेशान कर दिया। जब असली व्यक्ति ने शपथपत्र देकर अपने हस्ताक्षर से इनकार किया, तो भूमाफियाओं ने राजस्व अभिलेखों में जाली हस्ताक्षर कर प्रक्रिया में हेराफेरी कर दी। इसके बाद भू स्वामी को जमीन बेचने के दबाव में रखा गया और वैध दाखिल-खारिज प्रक्रिया बाधित कर दी गई।
पीड़ित यासर अहमद का कहना है कि उनके परिवार में कोई भूमि विवाद नहीं है और उनके पिता द्वारा 7 सितंबर 2024 को वैध बैनामा निष्पादित किया गया था। भूमाफियाओं ने इसे रोकने के लिए उनके बड़े पिता के नाम से फर्जी आपत्ति पत्र दाखिल कराया। बड़े पिता ने बाद में शपथपत्र देकर साफ कर दिया कि उन्होंने कभी कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई।
जांच में पता चला कि भूमाफियाओं ने कुछ राजस्व कर्मचारियों की मदद से फर्जी हस्ताक्षरों को सरकारी अभिलेखों में बदल दिया। इस कारण भू स्वामी की वैध दाखिल-खारिज प्रक्रिया अवरुद्ध रही और उन्हें तहसील के चक्कर काटने पड़े। तहसीलदार धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि किसी भी आपत्ति की सुनवाई वैध प्रक्रिया के अनुसार ही की जाती है और पक्षकार अपने वकील के माध्यम से अपनी बात रख सकते हैं।
इस घटना ने अयोध्या में भूमि दुरुपयोग और राजस्व प्रक्रिया में मिलीभगत के गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भू स्वामी ने अब अपनी शिकायत जिलाधिकारी से की है और न्याय की गुहार लगाई है।