अयोध्या न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश में मुस्लिम बहुल इलाकों और मुसलमानों को टारगेट कर बुलडोजर कार्रवाई लगातार जारी है। गुरुवार को अयोध्या के आदर्श नगर पंचायत, माँ कामाख्या धाम के जानकी वार्ड में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चलाया। सरकार का दावा है कि गाटा संख्या 1565 की जमीन पर नगर पंचायत से कॉम्प्लेक्स और दुकान बनाने की स्वीकृति मिली थी, लेकिन अतिक्रमण के कारण निर्माण कार्य रुक गया था।
कार्रवाई में अधिशासी अधिकारी निखिलेश मिश्रा और राजस्व टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। वहीं, स्थानीय लोगों में इस कार्रवाई को लेकर भारी नाराजगी देखी गई। इलाके के पूर्व प्रधान सैय्यद नफीसुल हसन 'आबिद' का कहना है कि जिस जगह पर कार्रवाई हुई, वह मामला अभी माननीय न्यायालय में विचाराधीन है और 10 फरवरी को सुनवाई होनी थी।
नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी निखिलेश मिश्रा ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को 15 दिन पहले नोटिस दिया गया था। समय बीत जाने के बावजूद अतिक्रमण हटाया नहीं गया, इसलिए राजस्व टीम और पुलिस की मौजूदगी में बुलडोजर कार्रवाई की गई।
यह पहला मामला नहीं है जब उत्तर प्रदेश में विवादित संपत्तियों पर कोर्ट के फैसले से पहले बुलडोजर चलाया गया हो। कई मस्जिदें, मदरसे और मजारें कोर्ट के स्टे के बावजूद गिरा दी जाती हैं। भाजपा शासित राज्यों में ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जहां आरोपी के घरों पर भी कार्रवाई की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे कदमों पर रोक लगाई है, लेकिन सरकारें विचाराधीन मामलों में बुलडोजर कार्रवाई कर रही हैं।