अयोध्या न्यूज डेस्क: सरयू नदी से अवैध और लापरवाही से बालू ढो रहे डंपरों ने स्थानीय लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। नियम-कानूनों को ताक पर रखकर सड़कों पर दौड़ते ये डंपर न केवल प्रदूषण फैला रहे हैं, बल्कि आए दिन हादसों का सबब भी बन रहे हैं। सड़कों पर भारी मात्रा में बालू बिखरी होने के कारण दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
हाल ही में हुई एक हृदयविदारक घटना ने इस लापरवाही की भयावहता को उजागर किया है। पिछले रविवार को मांझा क्षेत्र में सड़क किनारे खेल रहे चार वर्षीय बालक, बादल उर्फ आयुष की एक अनियंत्रित डंपर की चपेट में आने से मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़कों पर फैली बालू और तेज रफ्तार डंपर इस हादसे की मुख्य वजह बने। बालू उड़ने के कारण चालकों की आंखों में धूल चली जाती है, जिससे वे नियंत्रण खो देते हैं और दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।
समाजसेवी रितेश मिश्रा के अनुसार, महज एक सप्ताह के भीतर करीब आधा दर्जन लोग घायल हो चुके हैं, जिन्हें इलाज के लिए दर्शन नगर ट्रामा सेंटर तक जाना पड़ा। विशेष रूप से बैकुंठ धाम से बूथ नंबर चार की ओर जाने वाली सर्विस लेन पर चलना अब खतरे से खाली नहीं रह गया है। डंपर चालक ओवरलोड बालू भरकर चलते हैं और उसे ढकने की जहमत भी नहीं उठाते, जिससे स्कूली बच्चों और राहगीरों के लिए हर पल जान का जोखिम बना रहता है।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि मांझा बरेहटा और दर्शन नगर के कई इलाकों में अवैध रूप से बालू डंप की जा रही है और बिना नंबर प्लेट वाले डंपर सरेआम फर्राटा भर रहे हैं। स्कूलों के पास इन भारी वाहनों की आवाजाही और सड़कों पर बिखरी फिसलन भरी बालू किसी बड़ी अनहोनी को न्योता दे रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक इस समस्या से अनजान बना हुआ है।