अयोध्या न्यूज डेस्क: मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत के आदेश पर नगर कोतवाली पुलिस ने नायब तहसीलदार समेत तीन लोगों के खिलाफ मारपीट, धोखाधड़ी और लूट का मामला दर्ज किया है। जनौरा, जोगीतारा निवासी जितेंद्र कुमार ने आरोप लगाया है कि उनके पिता संतसरन ने 25 फरवरी 2022 को जनौरा स्थित पैतृक भूमि में से 1120 वर्गफीट जमीन का बैनामा सुभाषचंद्र निवासी खिरौनी, थाना गोसाईंगंज के नाम किया था। बैनामे के बाद जब दाखिल-खारिज की कार्रवाई शुरू हुई, तो उन्होंने इस पर आपत्ति दर्ज कराई थी।
शिकायत के अनुसार, तहसीलदार न्यायालय में सुनवाई के दौरान क्रेता सुभाषचंद्र ने तहसील कर्मियों से कथित मिलीभगत कर दूसरा वाद दाखिल कराया और मामला नगर नायब तहसीलदार के न्यायालय में स्थानांतरित करवा दिया। आरोप है कि पहले वाद को वापस लेकर अधिकारियों को गुमराह किया गया, जबकि दूसरा वाद अलग तरीके से आगे बढ़ाया गया।
जितेंद्र कुमार का कहना है कि उनके भाई अरुण कुमार के सहयोग से पीठासीन अधिकारी इंद्रभूषण यादव, जो वर्तमान में सोहावल तहसील में तैनात हैं, को सुविधा शुल्क देकर दाखिल-खारिज का आदेश हासिल किया गया। इस पूरे प्रकरण को लेकर जिलाधिकारी से भी शिकायत की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि प्रशासनिक प्रक्रिया में धोखाधड़ी की गई।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि 23 जुलाई 2025 को विपक्षियों ने हवाई पट्टी के बंद गेट के पास उन्हें रोककर अभद्रता की, मारपीट की और धमकी देते हुए एक हजार रुपये लूट लिए। नगर कोतवाल अश्विनी पांडेय के अनुसार, सीजेएम अदालत के निर्देश पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे प्रकरण की विवेचना की जा रही है।