अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या के मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र स्थित मंजनाई गांव में आज अब्दुल रहमान को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। जनाजे से पहले उसके घर से करीब 100 मीटर दूर स्थित मस्जिद में नमाज अदा की गई, जिसके बाद जनाजा कब्रिस्तान की ओर रवाना हुआ। अंतिम यात्रा में लगभग 200 लोग शामिल हुए। जनाजा निकलते ही मां, बुआ और अन्य परिजन फूट-फूटकर रोने लगे। हालात को देखते हुए गांव और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
अब्दुल रहमान फरीदाबाद की नीमका जिला जेल में बंद था, जहां 8 फरवरी को हाई सिक्योरिटी बैरक में उसके साथी कैदी अरुण चौधरी ने नुकीली चीज से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। हत्या के बाद मंगलवार रात परिजन करीब 650 किलोमीटर दूर से शव को गांव लेकर पहुंचे। शव देखते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां और तीनों छोटी बहनें बेसुध होकर रोने लगीं। अब्दुल पर अयोध्या राम मंदिर पर हमले की साजिश रचने का आरोप था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, अब्दुल रहमान को गुजरात एटीएस ने आईबी की मदद से 2 मार्च 2025 को गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप था कि वह अलकायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े आतंकी अबू सूफियान के संपर्क में था। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से दो जिंदा हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए थे, जिन्हें बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय किया था। जांच में यह भी सामने आया था कि वह सोशल मीडिया पर लंबे समय से भड़काऊ वीडियो और भाषण पोस्ट कर रहा था।
जेल सूत्रों के मुताबिक, हाई सिक्योरिटी बैरक में कुल तीन कैदी थे, जिनमें अब्दुल रहमान, अरुण चौधरी और शोएब रियाज शामिल थे। राम मंदिर को लेकर अब्दुल और अरुण के बीच लगातार विवाद हो रहा था। इसी रंजिश के चलते अरुण ने पहले से नुकीला पत्थर तैयार कर रखा था और मौका पाकर अब्दुल पर हमला कर दिया। हत्या के बाद इलाके में तनाव की आशंका को देखते हुए शव को घर से करीब 500 मीटर दूर कब्रिस्तान में दफनाया जा रहा है, जहां पूरे रास्ते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।