अयोध्या न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को विधानसभा में अपना आखिरी पूर्ण बजट पेश करते हुए अयोध्या में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ₹100 करोड़ का प्रावधान किया। इस राशि से मंदिरों के जीर्णोद्धार, सड़कों के चौड़ीकरण और पेयजल आपूर्ति से जुड़े कार्य किए जाएंगे। इससे पहले पिछले बजट में अयोध्या समेत चार तीर्थ स्थलों के विकास के लिए ₹400 करोड़ तय किए गए थे, लेकिन स्थानीय लोगों का दावा है कि जमीनी स्तर पर अपेक्षित काम नहीं दिखा।
बजट में महिलाओं और छात्राओं के लिए कई घोषणाएं की गई हैं। इंटरमीडिएट में अच्छा प्रदर्शन करने वाली मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने का वादा किया गया है, जबकि गरीब महिलाओं के लिए एकमुश्त विवाह अनुदान ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख कर दिया गया है। साथ ही हर जिले में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल और हर मंडल में एक खेल विश्वविद्यालय स्थापित करने की बात कही गई है।
सरकार ने गंगा की स्वच्छता और ग्रामीण पेयजल योजनाओं के लिए कुल ₹22,676 करोड़ का प्रावधान किया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि 74 जल शोधन परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। इस बार बजट का कुल आकार ₹9,12,696 करोड़ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे अपना लगातार 10वां बजट बताते हुए कहा कि नए प्रोजेक्ट्स के लिए ₹43,565 करोड़ रखे गए हैं और उनके कार्यकाल में प्रदेश में ₹50 लाख करोड़ के निवेश आए हैं। वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बजट पर सवाल उठाते हुए पिछले खर्चों पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की और आरोप लगाया कि घोषणाओं के बावजूद जमीनी स्तर पर काम नजर नहीं आ रहा।