अयोध्या न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश के चन्दौली जिले में एक खास पहल के तहत असम के चाय बागान मजदूरों को काशी और अयोध्या दर्शन का अवसर मिला, जो उनके जीवन का यादगार अनुभव बन गया। डिब्रूगढ़ (असम) से आए 30 सदस्यीय दल ने धार्मिक यात्रा पूरी करने के बाद अब अपने गृह राज्य के लिए वापसी कर ली है।
इस दल में 25 महिलाएं और 5 पुरुष शामिल थे, जिन्होंने पहली बार काशी और अयोध्या के पवित्र स्थलों के दर्शन किए। वाराणसी पहुंचकर मजदूरों ने काशी विश्वनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद वे अयोध्या पहुंचे, जहां राम मंदिर अयोध्या में दर्शन कर अपनी आस्था प्रकट की।
बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के असम दौरे के दौरान चाय बागान मजदूरों से बातचीत के बाद इस यात्रा की पहल की गई थी। इसी के तहत मजदूरों को इस धार्मिक यात्रा का अवसर मिला। मजदूरों ने इसे अपने जीवन का सबसे खास अनुभव बताते हुए कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि उन्हें काशी विश्वनाथ और राम मंदिर के दर्शन का मौका मिलेगा।
यात्रा पूरी करने के बाद सभी मजदूर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पहुंचे, जहां से वे ट्रेन के जरिए असम के लिए रवाना हुए। उनके चेहरों पर खुशी और संतोष साफ झलक रहा था। मजदूरों ने कहा कि वे अपने गांव लौटकर इस अविस्मरणीय अनुभव को अन्य लोगों के साथ साझा करेंगे।