अयोध्या न्यूज डेस्क: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह गुरुवार को अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान श्रीराम के दर्शन का कार्यक्रम तय किया। राम मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह उनका पहला अयोध्या दौरा है। सुबह दिल्ली से रवाना होकर वह करीब 9:40 बजे अयोध्या पहुंचे। उनके इस दौरे को लेकर सियासी हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं, क्योंकि राम मंदिर मुद्दे पर पहले कांग्रेस और बीजेपी के बीच तीखी बयानबाजी होती रही है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, दिग्विजय सिंह सबसे पहले हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे, इसके बाद राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन करेंगे। साथ ही उनके कार्यक्रम में कनक भवन जाने का भी उल्लेख है। उनके कार्यालय की ओर से जारी जानकारी में बताया गया कि वह रामानंद संप्रदाय के संत पीपाजी महाराज के वंशज हैं और उनके पैतृक स्थान राघौगढ़ में भी भगवान राम और हनुमान जी के प्राचीन मंदिर स्थित हैं।
जारी बयान में यह भी बताया गया कि दिग्विजय सिंह ने 18 जनवरी 2021 को राम मंदिर निर्माण के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को 1,11,111 रुपये का दान दिया था। उन्होंने अयोध्या में कहा कि उन्होंने कभी मंदिर निर्माण का विरोध नहीं किया और वह यहां राजनीति के लिए नहीं आए हैं। साथ ही उनकी 3,300 किलोमीटर लंबी नर्मदा परिक्रमा का भी जिक्र किया गया, जिसे उन्होंने पैदल पूरा किया था।
दूसरी ओर, उनके इस दौरे पर बीजेपी ने निशाना साधा है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस ने पहले भगवान राम को काल्पनिक बताया था, लेकिन अब उसके नेता अयोध्या पहुंच रहे हैं। वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दिग्विजय सिंह का यह दौरा उनकी धार्मिक छवि को मजबूत करने और बीजेपी के आरोपों का जवाब देने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।