अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या के सरयू तट पर स्थित कोरियाई रानी हो पार्क में रानी हो की भव्य प्रतिमा के लोकार्पण के साथ पार्क का औपचारिक संचालन शुरू हो गया है। 12 फुट ऊंची और करीब 1300 किलोग्राम वजनी इस प्रतिमा का अनावरण मेयर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने किया। इसी अवसर पर तीन दिवसीय इंडो-कोरियन फेस्ट का भी शुभारंभ हुआ, जिसमें बच्चों की प्रतियोगिताओं के साथ रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
मेयर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि राम की पैड़ी स्थित क्वीन हो पार्क में रानी हो की प्रतिमा की स्थापना से अयोध्या और कोरिया के बीच ऐतिहासिक रिश्ते और मजबूत होंगे। इससे अयोध्या के पर्यटन को भी नई पहचान मिलेगी। उन्होंने बताया कि अयोध्या और कोरिया गणराज्य का संबंध करीब दो हजार साल पुराना है, जब अयोध्या की राजकुमारी रत्ना जल मार्ग से कोरिया पहुंचीं और राजा सूरो से विवाह कर कर्क राज्य की रानी बनीं।
पार्क के संचालन और संरक्षण से जुड़ी कंपनी के एमडी राहुल शर्मा और चीफ कोऑर्डिनेटर वंदना शर्मा ने बताया कि अस्थायी निर्माण की अनुमति मिलने के बाद विकास कार्य तेज कर दिए गए हैं। रानी हो की प्रतिमा के सामने ओपन एयर थिएटर और म्यूजिक फाउंटेन का निर्माण पूरा हो चुका है। आगे कोरियाई शैली के लग्जरी कॉटेज, कोरियन और अवधी रेस्टोरेंट, बाजार, कोरियन विलेज और कोरियन मंदिर विकसित किए जाएंगे, ताकि भारत और कोरिया की संस्कृति एक साथ दिखाई दे सके।
उन्होंने बताया कि यह प्रतिमा कोरिया में कुशल कारीगरों द्वारा रॉक स्टोन से बनाई गई है और इसे अयोध्या पहुंचने में करीब 20 दिन लगे। पार्क में ध्यान केंद्र, प्रदर्शनी कक्ष, सरोवर, सेतु, किंग और क्वीन पवेलियन सहित कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। जनवरी 2026 तक पार्क के पूरी तरह तैयार होने के बाद बैसाखी के अवसर पर एक बड़े उत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कोरियाई प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।