अयोध्या न्यूज डेस्क: अलकायदा समर्थित संगठन 'अंसार गजवातुल हिन्द' के कमांडर मिनहाज अहमद और उसके साथियों ने जुलाई 2021 में उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों—लखनऊ, कानपुर और अयोध्या—को बम धमाकों से दहलाने की एक खौफनाक साजिश रची थी। पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर इन आतंकियों ने सरकारी इमारतों, ऐतिहासिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाने का पूरा ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया था। हालांकि, किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने से पहले ही यूपी एटीएस ने काकोरी और आसपास के इलाकों में छापेमारी कर कमांडर मिनहाज, विस्फोटक विशेषज्ञ मुसीरुद्दीन और शकील को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि ये आतंकी 'फ्रूट बम' के जरिए तबाही मचाने की फिराक में थे। योजना के मुताबिक, खरबूजे जैसे फलों के बीच में विस्फोटक से भरी गेंद रखकर बम तैयार किए जाने थे, ताकि चेकिंग के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को चकमा दिया जा सके और आसानी से भीड़भाड़ वाले इलाकों तक विस्फोटक पहुँचाया जा सके। आतंकियों के पास से भारी मात्रा में बारूद, कुकर बम बनाने के उपकरण और शहरों के मैप बरामद किए गए थे। एटीएस अब उन कड़ियों को जोड़ रही है जिन्होंने इन आतंकियों को बारूद और केमिकल की सप्लाई की थी।
जांच में यह भी सामने आया कि इन धमाकों की पहली योजना मई 2021 के लिए बनाई गई थी, लेकिन उस समय कोरोना संक्रमण के कारण लगे लॉकडाउन की वजह से इसे टाल दिया गया। बाद में आतंकियों ने स्वतंत्रता दिवस के आसपास धमाके करने की रणनीति तैयार की और इसके लिए मानव बम तैयार करने की कोशिश भी की। मिनहाज और मसीरुद्दीन ने अपने घरों पर ही कुकर बम बनाना शुरू कर दिया था, लेकिन एटीएस की सतर्कता ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
मिनहाज की पृष्ठभूमि की बात करें तो वह पहले इंटीग्रल विश्वविद्यालय में लैब टेक्नीशियन के रूप में काम करता था, जहाँ वह छात्र-छात्राओं को कट्टरता के नाम पर भड़काने का प्रयास करता था। विरोध होने पर उसने नौकरी छोड़ दी और बैटरी की दुकान खोलने की आड़ में अपने घर पर ही 'आतंक की पाठशाला' चलाने लगा। वह सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को जोड़ता था और उन्हें जेहाद के नाम पर गुमराह करता था। फिलहाल खुफिया एजेंसियां उन सभी लोगों की तलाश कर रही हैं जो मिनहाज के संपर्क में थे।