मथुरा में हुए दर्दनाक नाव हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद अभिनेता और समाजसेवी सोनू सूद ने एक बार फिरसार्वजनिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने लगातार हो रहे ऐसे हादसों पर गहरी चिंताजताई और सरकार व प्रशासन से सख्त सुरक्षा नियम लागू करने की मांग की।
सोनू सूद ने अपने बयान में कहा कि देश में बार-बार हो रही नाव दुर्घटनाएं अब “हादसे” नहीं रह गई हैं, बल्कि यह लापरवाही का नतीजा हैं। उन्होंनेखास तौर पर इस बात पर जोर दिया कि अधिकांश मामलों में यात्रियों के पास लाइफ जैकेट तक नहीं होती, जो कि एक बुनियादी सुरक्षा उपाय है।उन्होंने सुझाव दिया कि बिना लाइफ जैकेट के किसी भी नाव यात्रा को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, चाहे यात्रा कितनी भी छोटी क्यों न हो।
उन्होंने एक व्यावहारिक समाधान भी पेश किया—हर नाव यात्रा शुरू होने से पहले सभी यात्रियों की लाइफ जैकेट पहने हुए एक फोटो ली जाए औरउसे एक केंद्रीय डिजिटल पोर्टल पर अपलोड किया जाए। अगर ऐसा नहीं होता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उनकामानना है कि इससे जवाबदेही सुनिश्चित होगी और लापरवाही पर रोक लगेगी।
यह बयान 10 अप्रैल 2026 को मथुरा के केशी घाट के पास यमुना नदी में हुए हादसे के बाद आया, जिसमें पंजाब से आए करीब 30 तीर्थयात्रियोंको ले जा रही नाव पलट गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, नाव एक अस्थायी पंटून पुल से टकरा गई थी, जिससे 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्यको सुरक्षित बचा लिया गया। नाव में क्षमता से अधिक सवारियां होना और लाइफ जैकेट का अभाव इस त्रासदी के मुख्य कारणों में शामिल थे।
सोनू सूद का यह प्रस्ताव न सिर्फ व्यावहारिक है, बल्कि समय की मांग भी है। ‘सूद फाउंडेशन’ के जरिए पहले से ही कई सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहेअभिनेता ने हमेशा जमीनी स्तर पर बदलाव लाने की कोशिश की है। उनकी यह अपील भी लोगों के बीच तेजी से समर्थन पा रही है, और कई लोगइसे लागू करने की मांग कर रहे हैं।
यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है। अब देखने वाली बात यह होगी किप्रशासन और सरकार इस दिशा में कितनी तेजी और सख्ती से कदम उठाते हैं, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके।