अयोध्या न्यूज डेस्क: बिकापुर तहसील के कोरो रघोपुर गांव में 1.5 लाख वर्गफुट पुश्तैनी जमीन की कथित फर्जी रजिस्ट्री का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता नंदन श्रीवास्तव, जो एक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के सेवानिवृत्त महाप्रबंधक हैं, ने आरोप लगाया है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके दिवंगत पिता बृजनंदन प्रसाद बनकर जमीन की बिक्री कर दी।
2002 में हो चुका है पिता का निधन
शिकायत के मुताबिक, जमीन अभी भी उनके पिता के नाम दर्ज है, जिनका निधन 29 सितंबर 2002 को हो चुका है। इसके बावजूद 17 दिसंबर 2025 को उक्त जमीन की रजिस्ट्री दिल्ली स्थित एक रियल एस्टेट कंपनी के नाम कर दी गई।
आधार और पैन के फर्जी दस्तावेज लगाए गए
आरोप है कि फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड के जरिए बिकापुर उप-पंजीयक कार्यालय में रजिस्ट्री कराई गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि रजिस्ट्री के दौरान विक्रेता की पहचान और दस्तावेजों का उचित सत्यापन नहीं किया गया।
साजिश का आरोप, कई लोगों की भूमिका संदिग्ध
नंदन श्रीवास्तव ने इसे पुश्तैनी जमीन हड़पने की पूर्व नियोजित साजिश बताया है। उन्होंने खरीददार कंपनी के प्रतिनिधियों, एक बिचौलिए और दो गवाहों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। परिवार को हाल ही में इस रजिस्ट्री की जानकारी मिली।
एफआईआर दर्ज, जांच जारी
क्षेत्राधिकारी पीयूष कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर बिकापुर कोतवाली में संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। दस्तावेजों, रजिस्ट्री प्रक्रिया और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।